भा.वा.अ.शि.प. के संस्थानों द्वारा अद्यतन

 वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून द्वारा 26 जनवरी 2023 को आयोजित 74वें गणतंत्र दिवस समारोह पर एक रिपोर्ट  व.अ.सं.:   27 January 2023

 भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद-आजीविका विस्तार केंद्र, अगरतला (त्रिपुरा) ने केन्द्रीय विद्यालय, कुंजबन, अगरतला में वैज्ञानिक-छात्र संपर्क कार्यक्रम, जिसे 'प्रकृति' कहा जाता है, का आयोजन किया  -:   24 January 2023

 वन जैव विविधता संस्थान, हैदराबाद में जैव विविधता और संरक्षण पर जागरूकता कार्यक्रम के उत्सव पर एक रिपोर्ट  व.जै.सं.:   23 January 2023

 वन जैव विविधता संस्थान, हैदराबाद में बाजरा कार्यक्रम के अंतर्राष्ट्रीय वर्ष के उत्सव पर एक रिपोर्ट   व.जै.सं.:   20 January 2023

 भा.वा.अ.शि.प.- पारिस्थितिक पुनर्स्थापन केंद्र, प्रयागराज में बाजरा और हमारा स्वास्थ्य पर वैज्ञानिक संगोष्ठी  -:   19 January 2023

 वन जैव विविधता संस्थान, हैदराबाद ने 06 जनवरी 2023 को केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस), बोवेनपल्ली के कर्मचारियों (02 सदस्यों) के साथ 09वीं कक्षा (बीसेक्शन) में 29 छात्रों के एक समूह के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया  व.जै.सं.:   17 January 2023

 वन जैव विविधता संस्थान, हैदराबाद ने 05 जनवरी 2023 को केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस), बोवेनपल्ली के कर्मचारियों (02 सदस्यों) के साथ 09वीं कक्षा (एएसेक्शन) में 46 छात्रों के एक समूह के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया  व.जै.सं.:   17 January 2023

 उष्णकटिबंधीय वन अनुसंधान संस्थान, जबलपुर द्वारा 10 से 12 जनवरी, 2023 तक IFS अधिकारियों के लिए "कृषि वानिकी और आजीविका सुरक्षा के लिए इसका प्रबंधन" पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया  -:   17 January 2023

 पश्चिमी राजस्थान उद्योग हस्तशिल्प उत्सव-2023 में आफरी, जोधपुर की भागीदारी  श.व.अ.सं.:   17 January 2023

 माननीय महानिदेशक, भारतीय वानिकी अनुसंधान और शिक्षा परिषद के वर्षा वन अनुसंधान संस्थान, जोरहाट के दौरे पर रिपोर्ट  व.व.अ.सं.:   12 January 2023

 वन आनुवंशिकी एवं वृक्ष प्रजनन संस्थान, कोयम्बटूर में 04-06 जनवरी 2023 के दौरान आयोजित KVK कर्मियों के लिए "महत्वपूर्ण वृक्ष प्रजातियों की वृक्ष खेती तकनीक" पर प्रशिक्षण कार्यक्रम की रिपोर्ट  व.आ.वृ.प्र.सं.:   12 January 2023

 प्रकृति कार्यक्रम: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कोट बेजा सोलन के छात्रों संस्थान का दौरा  हि.व.अ.सं.:   11 January 2023

 परियावरण स्वतच्छता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन  हि.व.अ.सं.:   11 January 2023

 आईएफपी, रांची द्वारा आयोजित 09.01.2023 को "वानिकी हस्तक्षेप के माध्यम से दामोदर और सुवर्णरेखा नदियों के कायाकल्प के लिए डीपीआर" के तहत धनबाद वन प्रभाग के फ्रंटलाइन स्टाफ के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम पर रिपोर्ट  व. उ. सं.:   10 January 2023

 वर्षा वन अनुसंधान संस्थान, जोरहाट (असम) ने 14 से 16 दिसंबर, 2022 के दौरान एक स्थानीय एनजीओ सीकाउ के सहयोग से अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले के नमदाफा जंगल कैंप में बांस शूट प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन पर कौशल विकास प्रशिक्षण का आयोजन किया   व.व.अ.सं.:   09 January 2023

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भा.वा.अ.शि.प.की प्रौद्योगिकी

  जूनीपेरस पॉलीकार्पस (हिमालयन पेन्सिल सीडार) की बीज प्रौद्योगिकी

जुनिपेरस पाॅलीकार्पोस, सी.कोच उत्तर पश्चिम हिमालयन क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण देशज शंकु वृक्ष है, जिसे सामान्यतः हिमालयन पेंसिल सिडार के नाम से जाना जाता है। इस प्रजाति के बीजों में प्रसुप्ति होती है, जो इसके अंकुरण को प्रभावित करती है। 

  कुटकी बहुगुणन हेतु वृहद-प्रसार तकनीक

पिकोरिजा कुरूआ, रायल एक्स बेंथ जिसे सामान्यतः कुटकी के नाम से जाना जाता है, यह पश्चिमी हिमालय में पाया जाना महत्वपूर्ण शीतोष्ण औषधी पादप है, जिसकी उच्च शीतोष्ण क्षेत्रों (2700 मी. से ऊपर) में वाणिज्यिक कृषि हेतु महत्वपूर्ण संभाव्यता है।

  मुशाकबला बहुगुणन हेतु बृहद-प्रसार तकनीक

वैलरियाना जटामांसी, जोन्स जिसे सामान्यतः मुशाकबला के नाम से जाना जाता है, यह पश्चिमी हिमालय में पाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण शीतोष्ण औषधी पादप है तथा वाणिज्यिक कृषि हेतु महत्वपूर्ण संभाव्यता रखता है।

  देवदार निष्पत्रक (एक्ट्रोपिस देवदारे प्राउट) का एकीकृत कीट प्रबंधन

देवदार (सिडेरस देओदारा), उत्तर-पश्चिम हिमालय का एक अति मूल्यित एवं बहुल शंकु प्रजाति है, यह कुछ अंतरालों पर निष्पत्रक, इक्ट्रोपिस देओदारी प्राउट (लेपीडोप्टेरा: जिओमैट्रिडि) से प्रभावित होता है। यह प्रमुख नाशी-कीट देवदार वनों की अल्पवयस्क फसलों को गम्भीरता से प्रभावित करता है।

  बागवानी रोपण के साथ शीतोष्ण औषधीय पादपों का अंतरफसलीकरण

उच्च पहाड़ी शीतोष्ण क्षेत्रों के बागानों में अंतरालों का बेहतर उपयोजन किया जा सकता है तथा चुनिंदा वाणिज्यिक रूप से महत्वपूर्ण औषधीय पादपों के अंतरफसलीकरण से बागानों द्वारा आर्थिक लाभ की वृद्धि की जा सकती है।

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