महानिदेशक के डेस्क से
श्रीमती कंचन देवी, भा.व.से.
महानिदेशक
आगामी आयोजन
आईसीएफआरई-वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून का लघु अवधि प्रशिक्षण पाठ्यक्रम (एसटीटीसी) कैलेंडर-2025 updated: 24 January 2025
सीओई-एसएलएम, आईसीएफआरई द्वारा 27-31 जनवरी, 2025 तक "लचीले पारिस्थितिकी तंत्र और समाज के लिए प्रकृति-आधारित समाधान" पर 5 दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए प्रशिक्षण विवरणिका सह आवेदन updated: 24 October 2024
वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए आईसीएफआरई, देहरादून का प्रशिक्षण कैलेंडर updated: 28 June 2024
बुलेटिन बोर्ड
आईसीएफआरई-आरएफआरआई न्यूज़लेटर (खंड 1, अंक 4, (जुलाई-सितंबर 2024)) updated: 31 January 2025
प्रकृति महाकुंभ-वानिकी एवं पर्यावरण जागरूकता शिविर का फ़्लायर updated: 29 January 2025
समाचार पत्रिका, खंड-I, अंक-III, (अप्रैल-जून, 2024),भा.वा.अ.शि.प.-वर्षा वन अनुसंधान संस्थान, जोरहाट(असम) updated: 20 November 2024
"भारत में वन प्रबंधन का विकास" विषय पर 150वीं वर्षगांठ विशेषांक updated: 27 September 2024
आईसीएफआरई-एफआरआई, देहरादून का अल्पकालिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम कैलेंडर-2024 updated: 01 April 2024
भा.वा.अ.शि.प. के संस्थानों द्वारा अद्यतन
वानिकी एवं पर्यावरण चेतना शिविर, महाकुंभ में एरोमा मिशन के अंतर्गत सगंध पौधों पर जागरूकता सह-प्रशिक्षण एवं पौध सामग्री वितरण कार्यक्रम का आयोजन -: 30 January 2025
भा.वा.अ.शि.प. मुख्यालय द्वारा आयोजित एक दिवसीय हिन्दी प्रशिक्षण कार्यशाला की रिपोर्ट -: 29 January 2025
आईसीएफआरई-वर्षा वन अनुसंधान संस्थान, जोरहाट में 76वें गणतंत्र दिवस के जश्न पर एक रिपोर्ट -: 27 January 2025
27.11.2024 को केवीएस गोलकुंडा-I स्कूल, हैदराबाद से 9वीं कक्षा के सेक्शन-डी के छात्रों के आईसीएफआरई-आईएफबी, हैदराबाद के दौरे पर रिपोर्ट। -: 16 January 2025
26.11.2024 को केवीएस गोलकुंडा-I स्कूल, हैदराबाद से 9वीं कक्षा के सेक्शन-सी के छात्रों के आईसीएफआरई-आईएफबी, हैदराबाद के दौरे पर रिपोर्ट। -: 16 January 2025
22.11.2024 को केवीएस गोलकुंडा-I स्कूल, हैदराबाद से 9वीं कक्षा अनुभाग (ए और बी) के छात्रों के आईसीएफआरई-आईएफबी, हैदराबाद के दौरे पर रिपोर्ट -: 16 January 2025
03-12-2024 को कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री, आरएलबीसीएयू, झाँसी से आईसीएफआरई-आईएफबी, हैदराबाद के बी.एससी (ऑनर्स) छात्रों के दौरे पर रिपोर्ट। -: 16 January 2025
आईसीएफआरई-आईएफबी, हैदराबाद में 26.11.2024 को "जन जातीय गौरव दिवस" मनाने पर रिपोर्ट -: 16 January 2025
आईएफजीटीबी, कोयंबटूर द्वारा राजभाषा को बढ़ावा देने के लिए आयोजित हिंदी फिल्म स्क्रीनिंग पर एक रिपोर्ट -: 08 January 2025
भूमि क्षरण तटस्थता प्राप्त करने के लिए सतत भूमि प्रबंधन प्रौद्योगिकी और दृष्टिकोण" -: 06 January 2025
सहयोगात्मक प्रशिक्षण आजीविका में सुधार के लिए इमली का मूल्य संवर्धन -: 03 January 2025
आईसीएफआरई-एचएफआरआई शिमला में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के उत्तर पूर्वी क्षेत्र ईटानगर से बीएससी वानिकी छात्रों के शैक्षिक दौरे पर एक रिपोर्ट -: 03 January 2025
आईसीएफआरई-एचएफआरआई शिमला द्वारा विकसित तकनीकों के माध्यम से देवदार और शीशम के कीटों के प्रबंधन पर एक रिपोर्ट -: 01 January 2025
और पढ़ेंभा.वा.अ.शि.प.की प्रौद्योगिकी
जूनीपेरस पॉलीकार्पस (हिमालयन पेन्सिल सीडार) की बीज प्रौद्योगिकी
जुनिपेरस पाॅलीकार्पोस, सी.कोच उत्तर पश्चिम हिमालयन क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण देशज शंकु वृक्ष है, जिसे सामान्यतः हिमालयन पेंसिल सिडार के नाम से जाना जाता है। इस प्रजाति के बीजों में प्रसुप्ति होती है, जो इसके अंकुरण को प्रभावित करती है।
कुटकी बहुगुणन हेतु वृहद-प्रसार तकनीक
पिकोरिजा कुरूआ, रायल एक्स बेंथ जिसे सामान्यतः कुटकी के नाम से जाना जाता है, यह पश्चिमी हिमालय में पाया जाना महत्वपूर्ण शीतोष्ण औषधी पादप है, जिसकी उच्च शीतोष्ण क्षेत्रों (2700 मी. से ऊपर) में वाणिज्यिक कृषि हेतु महत्वपूर्ण संभाव्यता है।
मुशाकबला बहुगुणन हेतु बृहद-प्रसार तकनीक
वैलरियाना जटामांसी, जोन्स जिसे सामान्यतः मुशाकबला के नाम से जाना जाता है, यह पश्चिमी हिमालय में पाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण शीतोष्ण औषधी पादप है तथा वाणिज्यिक कृषि हेतु महत्वपूर्ण संभाव्यता रखता है।
देवदार निष्पत्रक (एक्ट्रोपिस देवदारे प्राउट) का एकीकृत कीट प्रबंधन
देवदार (सिडेरस देओदारा), उत्तर-पश्चिम हिमालय का एक अति मूल्यित एवं बहुल शंकु प्रजाति है, यह कुछ अंतरालों पर निष्पत्रक, इक्ट्रोपिस देओदारी प्राउट (लेपीडोप्टेरा: जिओमैट्रिडि) से प्रभावित होता है। यह प्रमुख नाशी-कीट देवदार वनों की अल्पवयस्क फसलों को गम्भीरता से प्रभावित करता है।
बागवानी रोपण के साथ शीतोष्ण औषधीय पादपों का अंतरफसलीकरण
उच्च पहाड़ी शीतोष्ण क्षेत्रों के बागानों में अंतरालों का बेहतर उपयोजन किया जा सकता है तथा चुनिंदा वाणिज्यिक रूप से महत्वपूर्ण औषधीय पादपों के अंतरफसलीकरण से बागानों द्वारा आर्थिक लाभ की वृद्धि की जा सकती है।