भा.वा.अ.शि.प. के संस्थानों द्वारा अद्यतन

 हिंदी अनुभाग, वन अनुसंधान संस्थान के सौजन्य से विस्तार प्रभाग के सम्मेलन कक्ष में संस्थान के विभिन्न प्रभागों/अनुभागों के अधिकारियों/कार्मिकों के लिए ‘हिंदी टिप्पण एवं प्रारूप लेखन तथा त्रैमासिक प्रतिवेदन‘ पर जानकारी उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से दिनांक 16 अक्टूबर, 2019 को एक दिवसीय आयोजित कार्यशाला की रिपोर्ट।  व.अ.सं.:   18 October 2019

 नवराचन पब्लिक स्कूल, रुड़की के छात्रों की दिनांक 15 अक्टूबर, 2019 को वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून यात्रा पर एक रिपोर्ट।  व.अ.सं.:   18 October 2019

 वन अनुसन्धान केंद्र एवं ईको पुनर्वास, प्रयागराज द्वारा दिनांक 05 अक्टूबर, 2019 को वानिकी हस्तक्षेप के माध्यम से यमुना नदी के कायाकल्प के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के लिए कार्यशाला पर एक रिपोर्ट।  व.अ.कें. ई.पु.:   18 October 2019

 काष्ठ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, बैंगलोर में सितंबर, 2019 के महीने में PRAKRITI कार्यक्रम के तहत कुल 86 छात्रों और 4 संकाय सदस्यों ने दौरा किया।  का.वि.प्रौ.सं.:   18 October 2019

 वन आनुवंशिकी एवं वृक्ष प्रजनन संस्थान, कोयंबटूर द्वारा दिनांक 09 से 11 अक्टूबर, 2019 के दौरान आयोजित अन्य सेवाओं के कार्मिकों के लिए वानिकी प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के तहत बायोप्रोस्पेक्टिंग और बायोप्रेसी पर तीन दिनों के प्रशिक्षण पर एक रिपोर्ट।  व.आ.वृ.प्र.सं.:   18 October 2019

 वन आनुवंशिकी एवं वृक्ष प्रजनन संस्थान, कोयंबटूर में दिनांक 30 सितंबर, 2019 को वन कीट प्रबंधन में प्लांट ज्वालामुखी पर सेमिनार की एक रिपोर्ट।  व.आ.वृ.प्र.सं.:   18 October 2019

 आनंद कृषि विश्वविद्यालय और माधव विश्वविद्यालय, पिंडवाड़ा सिरोही के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर के छात्रों की दिनांक 10 अक्टूबर, 2019 को शुष्क वन अनुसंधान संस्थान जोधपुर यात्रा पर एक रिपोर्ट  श.व.अ.सं.:   18 October 2019

 वर्षा वन अनुसंधान संस्थान, जोरहाट द्वारा दिनांक 15 अक्टूबर, 2019 को PRAKRII कार्यक्रम के तहत आयोजित जवाहर नवोदय विद्यालय, टॉमतोमटोला, शिवसागर (असम) में वैज्ञानिक-छात्र संपर्क कार्यक्रम की एक रिपोर्ट ।  व.व.अ.सं.:   17 October 2019

 एन.एन. साइकिया कॉलेज, टिटैबर, जोरहाट के डायमंड जुबली समारोह के अवसर पर दिनांक 01 से 03 अक्टूबर, 2019 तक आयोजित प्रदर्शनी में वर्षा वन अनुसंधान संस्थान, जोरहाट की भागीदारी पर एक रिपोर्ट।   व.व.अ.सं.:   17 October 2019

 ZPH स्कूल, दुलपल्ली, हैदराबाद के छात्रों की दिनांक 26 सितंबर 2019 को वन जैवविविधता संस्थान, हैदराबाद, यात्रा पर एक रिपोर्ट।  व.जै.सं.:   16 October 2019

 केंद्रीय विद्यालय, हमीरपुर में हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान शिमला द्वारा दिनांक 03 अक्टूबर, 2019 को प्राकृत: छात्र-वैज्ञानिक मिलन कार्यक्रम पर एक रिपोर्ट।  हि.व.अ.सं.:   16 October 2019

 वन उत्पादकता संस्थान, रांची द्वारा दिनांक 14 अक्टूबर 2019 को आयोजित वानिकी हस्तक्षेप के माध्यम से महानदी नदी के कायाकल्प के लिए डीपीआर की तैयारी पर बैठक की रिपोर्ट  व.उ.सं.:   15 October 2019

 वन अनुसन्धान केंद्र एवं ईको पुनर्वास, प्रयागराज द्वारा दिनांक 4 अक्टूबर 2019 को चित्रकूट धाम, उत्तर प्रदेश में आयोजित वानिकी हस्तक्षेप के माध्यम से यमुना नदी के कायाकल्प के लिए डीपीआर तैयार करने के लिए परामर्श बैठक पर एक रिपोर्ट  व.अ.कें. ई.पु.:   15 October 2019

 हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान, शिमला द्वारा दिनांक 27 सितंबर, 2019 को आयोजित “गुणवत्ता रोपण स्टॉक के उत्पादन में वन बीजों की भूमिका पर” संस्थान स्तर पर मासिक अनुसंधान संगोष्ठी पर एक रिपोर्ट।  हि.व.अ.सं.:   14 October 2019

 उत्तराखंड राज्य के केंद्रीय विद्यालय के 180 छात्रों की दिनांक 04 अक्टूबर, 2019 को PRAKRITI कार्यक्रम के तहत वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून की यात्रा पर एक रिपोर्ट।  व.अ.सं.:   11 October 2019

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भा.वा.अ.शि.प.की प्रौद्योगिकी

  जूनीपेरस पॉलीकार्पस (हिमालयन पेन्सिल सीडार) की बीज प्रौद्योगिकी

जुनिपेरस पाॅलीकार्पोस, सी.कोच उत्तर पश्चिम हिमालयन क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण देशज शंकु वृक्ष है, जिसे सामान्यतः हिमालयन पेंसिल सिडार के नाम से जाना जाता है। इस प्रजाति के बीजों में प्रसुप्ति होती है, जो इसके अंकुरण को प्रभावित करती है। 

  कुटकी बहुगुणन हेतु वृहद-प्रसार तकनीक

पिकोरिजा कुरूआ, रायल एक्स बेंथ जिसे सामान्यतः कुटकी के नाम से जाना जाता है, यह पश्चिमी हिमालय में पाया जाना महत्वपूर्ण शीतोष्ण औषधी पादप है, जिसकी उच्च शीतोष्ण क्षेत्रों (2700 मी. से ऊपर) में वाणिज्यिक कृषि हेतु महत्वपूर्ण संभाव्यता है।

  मुशाकबला बहुगुणन हेतु बृहद-प्रसार तकनीक

वैलरियाना जटामांसी, जोन्स जिसे सामान्यतः मुशाकबला के नाम से जाना जाता है, यह पश्चिमी हिमालय में पाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण शीतोष्ण औषधी पादप है तथा वाणिज्यिक कृषि हेतु महत्वपूर्ण संभाव्यता रखता है।

  देवदार निष्पत्रक (एक्ट्रोपिस देवदारे प्राउट) का एकीकृत कीट प्रबंधन

देवदार (सिडेरस देओदारा), उत्तर-पश्चिम हिमालय का एक अति मूल्यित एवं बहुल शंकु प्रजाति है, यह कुछ अंतरालों पर निष्पत्रक, इक्ट्रोपिस देओदारी प्राउट (लेपीडोप्टेरा: जिओमैट्रिडि) से प्रभावित होता है। यह प्रमुख नाशी-कीट देवदार वनों की अल्पवयस्क फसलों को गम्भीरता से प्रभावित करता है।

  बागवानी रोपण के साथ शीतोष्ण औषधीय पादपों का अंतरफसलीकरण

उच्च पहाड़ी शीतोष्ण क्षेत्रों के बागानों में अंतरालों का बेहतर उपयोजन किया जा सकता है तथा चुनिंदा वाणिज्यिक रूप से महत्वपूर्ण औषधीय पादपों के अंतरफसलीकरण से बागानों द्वारा आर्थिक लाभ की वृद्धि की जा सकती है।

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