भा.वा.अ.शि.प. के संस्थानों द्वारा अद्यतन

 वन आनुवंशिकी एवं वृक्ष प्रजनन संस्थान, कोयंबटूर द्वारा आयोजित दिनांक 15 जुलाई, 2019 को कोयम्बटूर के वन फ्रिंज गांवों में ट्री रिच बायोबॉस्टर के विकास के लिए क्षमता निर्माण पर एक दिवसीय प्रशिक्षण पर एक रिपोर्ट।  व.आ.वृ.प्र.सं.:   22 July 2019

 वन उत्पादकता संस्थान, रांची के द्वारा आयोजित दिनांक 16 जुलाई, 2019 को PRAKRITI के तहत कृषि वानिकी पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की रिपोर्ट ।  व.उ.सं.:   19 July 2019

 वर्षा वन अनुसंधान संस्थान, जोरहाट द्वारा आयोजित दिनांक 10 से 24 जुलाई, 2019 तक फील्ड फंक्शनरी प्रशिक्षण नर्सरी तकनीक (दूसरा बैच) पर एक रिपोर्ट ।  व.व.अ.सं.:   19 July 2019

 डा. एस. सी. गैरोला, महानिदेशक, भारतीय वानिकी अनुसंधान और शिक्षा परिषद, देहरादून की दिनांक 11 से 12 जुलाई, 2019 को वन उत्पादकता संस्थान, रांची की यात्रा पर एक रिपोर्ट ।  व.उ.सं.:   15 July 2019

 वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून में दिनांक 11 जुलाई 2019 को लद्दाख क्षेत्र, जम्मू और कश्मीर के छात्रों की सद्भावना ’कार्यक्रम के तहत शैक्षिक यात्रा पर एक रिपोर्ट।  व.अ.सं.:   15 July 2019

 वर्षा वन अनुसंधान संस्थान, जोरहाट द्वारा आयोजित वन क्षेत्र समारोह के लिए नर्सरी तकनीकों पर दिनांक 10 से 24 जुलाई, 2019 तक प्रशिक्षण पर एक रिपोर्ट ।  व.व.अ.सं.:   15 July 2019

 वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून में दिनांक 08 जुलाई, 2019 को केवी बी.ई.जी. और सी रुड़की के छात्रों की 'PRAKRITI' कार्यक्रम के तहत शैक्षिक यात्रा पर एक रिपोर्ट ।  व.अ.सं.:   15 July 2019

 "PRAKRITI" कार्यक्रम के तहत दिनांक 06 जुलाई 2019 को जवाहर नवोदय विदायलय, देहरादून के छात्रों के लिए वानस्पतिक अन्वेषण और बर्ड वॉचिंग कार्यक्रम पर एक रिपोर्ट।  व.अ.सं.:   15 July 2019

 वन आनुवंशिकी एवं वृक्ष प्रजनन संस्थान, कोयंबटूर द्वारा दिनांक 25 जून, 2019 को आयोजित 'कावेरी को फिर से जीवंत करने के लिए वानिकी हस्तक्षेप की भूमिका' पर परामर्शी बैठक पर एक रिपोर्ट।  व.आ.वृ.प्र.सं.:   12 July 2019

 वर्षा वन अनुसंधान संस्थान, जोरहाट द्वारा दिनांक 05 जुलाई, 2019 को आयोजित मासिक संगोष्ठी पर एक रिपोर्ट।  व.व.अ.सं.:   12 July 2019

 शुष्क वन अनुसंधान संस्थान, जोधपुर में दिनांक 04 जुलाई, 2019 को राजस्थान राज्य न्यायपालिका अकादमी, जोधपुर के प्रशिक्षु सिविल जजों की यात्रा पर एक रिपोर्ट  श.व.अ.सं.:   12 July 2019

 काष्ठ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, बैंगलोर द्वारा दिनांक 28 जून, 2019 को आयोजित एडवांस्ड वुडवर्क में एक साल के डिप्लोमा कोर्स के पहले बैच के दीक्षांत समारोह की एक रिपोर्ट।  का.वि.प्रौ.सं.:   12 July 2019

 काष्ठ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, बैंगलोर के जून, 2019 महीने की मासिक रिपोर्ट ।  का.वि.प्रौ.सं.:   12 July 2019

 पेटेंट आवेदन संख्या ३६१/DEL /२००९ के सम्बन्ध में अधिनियम की धारा ४३ के तहत पेटेंट अनुदान तथा पेटेंट रजिस्टर में प्रविष्टि की सूचना   व.अ.सं.:   10 July 2019

 वन उत्पादकता संस्थान, रांची द्वारा दिनांक 05 जुलाई, 2019 को राजकीय मध्य विद्यालय, लालगुटवा, नगरी और आईएफपी कैम्पस, रांची में वन महोत्सव के अवसर पर एक रिपोर्ट ।   व.उ.सं.:   10 July 2019

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भा.वा.अ.शि.प.की प्रौद्योगिकी

  जूनीपेरस पॉलीकार्पस (हिमालयन पेन्सिल सीडार) की बीज प्रौद्योगिकी

जुनिपेरस पाॅलीकार्पोस, सी.कोच उत्तर पश्चिम हिमालयन क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण देशज शंकु वृक्ष है, जिसे सामान्यतः हिमालयन पेंसिल सिडार के नाम से जाना जाता है। इस प्रजाति के बीजों में प्रसुप्ति होती है, जो इसके अंकुरण को प्रभावित करती है। 

  कुटकी बहुगुणन हेतु वृहद-प्रसार तकनीक

पिकोरिजा कुरूआ, रायल एक्स बेंथ जिसे सामान्यतः कुटकी के नाम से जाना जाता है, यह पश्चिमी हिमालय में पाया जाना महत्वपूर्ण शीतोष्ण औषधी पादप है, जिसकी उच्च शीतोष्ण क्षेत्रों (2700 मी. से ऊपर) में वाणिज्यिक कृषि हेतु महत्वपूर्ण संभाव्यता है।

  मुशाकबला बहुगुणन हेतु बृहद-प्रसार तकनीक

वैलरियाना जटामांसी, जोन्स जिसे सामान्यतः मुशाकबला के नाम से जाना जाता है, यह पश्चिमी हिमालय में पाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण शीतोष्ण औषधी पादप है तथा वाणिज्यिक कृषि हेतु महत्वपूर्ण संभाव्यता रखता है।

  देवदार निष्पत्रक (एक्ट्रोपिस देवदारे प्राउट) का एकीकृत कीट प्रबंधन

देवदार (सिडेरस देओदारा), उत्तर-पश्चिम हिमालय का एक अति मूल्यित एवं बहुल शंकु प्रजाति है, यह कुछ अंतरालों पर निष्पत्रक, इक्ट्रोपिस देओदारी प्राउट (लेपीडोप्टेरा: जिओमैट्रिडि) से प्रभावित होता है। यह प्रमुख नाशी-कीट देवदार वनों की अल्पवयस्क फसलों को गम्भीरता से प्रभावित करता है।

  बागवानी रोपण के साथ शीतोष्ण औषधीय पादपों का अंतरफसलीकरण

उच्च पहाड़ी शीतोष्ण क्षेत्रों के बागानों में अंतरालों का बेहतर उपयोजन किया जा सकता है तथा चुनिंदा वाणिज्यिक रूप से महत्वपूर्ण औषधीय पादपों के अंतरफसलीकरण से बागानों द्वारा आर्थिक लाभ की वृद्धि की जा सकती है।

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