भा.वा.अ.शि.प. के संस्थानों द्वारा अद्यतन

 वन उत्पादकता संस्थान, रांची में ०७ अगस्त, २०२० को राष्ट्रीय हस्तकरघा दिवस २०२० के आभासीय मंच के माध्यम से आयोजन पर एक रिपोर्ट   व. उ. सं.:   14 August 2020

 वन अनुसंधान केंद्र - आजीविका विस्तार, अगरतला द्वारा "हाथ से निर्मित पानी की बोतलों के लिए बांस शिल्प कार्य" विषय पर २० से २४ जुलाई, २०२० के दौरान पश्चिम त्रिपुरा जिले के नंदन नगर में प्रशिक्षण कार्यशाला जिसमें आठ आदिवासी कारीगरों ने भाग लिया के आयोजन पर एक रिपोर्ट   व.अ.कें.-आ.वि.:   11 August 2020

 वर्षा वन अनुसंधान संस्थान, जोरहाट द्वारा २९ जुलाई, २०२० को "कृषि और वानिकी में पौधे की वृद्धि को बढ़ावा देने वाले राइजोबैक्टीरिया और जैव उर्वरक की भूमिका" विषय पर आयोजित मासिक संगोष्ठी पर एक रिपोर्ट  व.व.अ.सं.:   11 August 2020

 जुलाई, २०२० के दौरान प्रकृति कार्यक्रम के अंतर्गत वन आनुवंशिकी एवं वृक्ष प्रजनन संस्थान, कोयम्बटूर द्वारा स्कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए आयोजित वेबिनार पर एक रिपोर्ट  व.आ.वृ.प्र.सं.:   07 August 2020

 ४ अगस्त, २०२० को वन जैव विविधता संस्थान, हैदराबाद में "नीलगिरी सुधार और भारत में स्थिति" विषय पर आयोजित मासिक सेमिनार पर एक रिपोर्ट  व.जै.सं.:   06 August 2020

  २३ जुलाई, २०२० को वन जैव विविधता संस्थान, हैदराबाद में "विभिन्न रोपण वातावरण और अंतिम उपयोग के अनुप्रयोगों हेतु कैसुअरीना के क्लोन और बीज स्रोतों के परीक्षण और प्रस्तरण" विषय पर आयोजित मासिक सेमिनार पर एक रिपोर्ट  व.जै.सं.:   06 August 2020

 ०५ अगस्त, २०२० को विभिन्न हितधारकों को लक्षित करते हुए “कृषि वानिकी एवं आजीविका उत्पादन” विषय पर वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून के विस्तार प्रभाग द्वारा आयोजित ऑनलाइन वेबिनार पर एक रिपोर्ट  व.अ.सं.:   06 August 2020

 वन आनुवंशिकी एवं वृक्ष प्रजनन संस्थान, कोयम्बटूर में १६ जुलाई, २०२० को "वर्तमान कोविद-१९ स्थिति में सिनकोना के संरक्षण और उपयोग" विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी सह इंटरैक्टिव बैठक" पर एक रिपोर्ट   व.आ.वृ.प्र.सं.:   30 July 2020

 हिमालयन वन अनुसन्धान संस्थान, शिमला के क्षेत्रीय अनुसन्धान केंद्रों, वन विज्ञानं केंद्रों एवं अनुसन्धान पौधशालाओं द्वारा वन महोत्सव कार्यक्रम के आयोजन पर एक रिपोर्ट   हि.व.अ.सं.:   30 July 2020

 २७ जुलाई, २०२० को वन आनुवंशिकी एवं वृक्ष प्रजनन संस्थान, कोयम्बटूर में वन आनुवंशिक संसाधनों और वृक्ष सुधार पर ईऐनवीआईऐस रिसोर्स पार्टनर द्वारा आयोजित मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस के अनुपालन पर एक रिपोर्ट  व.आ.वृ.प्र.सं.:   30 July 2020

 हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान, शिमला में ३० जून, २०२० को "भारतीय हिमालयी क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन - वन पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रभाव और वानिकी अनुसंधान के लिए आशय" विषय पर आयोजित संस्थान स्तर की मासिक संगोष्ठी की कार्यवाही पर एक रिपोर्ट  हि.व.अ.सं.:   30 July 2020

 वन अनुसन्धान संस्थान, देहरादून के वन संरक्षण प्रभाग की वन कीटविज्ञान शाखा द्वारा १८ और १९ जुलाई, २०२० को राष्ट्रीय कीट सप्ताह मनाया गया जिसमें मॉथ स्क्रीन और सीएफएल लैंप का उपयोग करके मॉथ वॉच का आयोजन किया गया  व.अ.सं.:   28 July 2020

 पारि-पुनर्स्थापन वन अनुसंधान केंद्र, प्रयागराज द्वारा चन्द्र शेखर आज़ाद / अल्फ्रेड पार्क, प्रयागराज में बीज वितरण और वृक्षारोपण गतिविधि कार्यक्रम के आयोजन पर एक रिपोर्ट  व.अ.कें. ई.पु.:   22 July 2020

 वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून द्वारा केन्द्रीय विद्यालय आईटीबीपी, देहरादून में १७ जुलाई, २०२० को वन महोत्सव - २०२० के आयोजन पर एक रिपोर्ट   व.अ.सं.:   22 July 2020

 माघ मेला -२०२० में पारि-पुनर्स्थापन वन अनुसन्धान केंद्र, प्रयागराज द्वारा प्रौद्योगिकियों के प्रदर्शन और जागरूकता सृजन हेतु स्थापित शिविर पर एक रिपोर्ट  व.अ.कें. ई.पु.:   17 July 2020

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भा.वा.अ.शि.प.की प्रौद्योगिकी

  जूनीपेरस पॉलीकार्पस (हिमालयन पेन्सिल सीडार) की बीज प्रौद्योगिकी

जुनिपेरस पाॅलीकार्पोस, सी.कोच उत्तर पश्चिम हिमालयन क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण देशज शंकु वृक्ष है, जिसे सामान्यतः हिमालयन पेंसिल सिडार के नाम से जाना जाता है। इस प्रजाति के बीजों में प्रसुप्ति होती है, जो इसके अंकुरण को प्रभावित करती है। 

  कुटकी बहुगुणन हेतु वृहद-प्रसार तकनीक

पिकोरिजा कुरूआ, रायल एक्स बेंथ जिसे सामान्यतः कुटकी के नाम से जाना जाता है, यह पश्चिमी हिमालय में पाया जाना महत्वपूर्ण शीतोष्ण औषधी पादप है, जिसकी उच्च शीतोष्ण क्षेत्रों (2700 मी. से ऊपर) में वाणिज्यिक कृषि हेतु महत्वपूर्ण संभाव्यता है।

  मुशाकबला बहुगुणन हेतु बृहद-प्रसार तकनीक

वैलरियाना जटामांसी, जोन्स जिसे सामान्यतः मुशाकबला के नाम से जाना जाता है, यह पश्चिमी हिमालय में पाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण शीतोष्ण औषधी पादप है तथा वाणिज्यिक कृषि हेतु महत्वपूर्ण संभाव्यता रखता है।

  देवदार निष्पत्रक (एक्ट्रोपिस देवदारे प्राउट) का एकीकृत कीट प्रबंधन

देवदार (सिडेरस देओदारा), उत्तर-पश्चिम हिमालय का एक अति मूल्यित एवं बहुल शंकु प्रजाति है, यह कुछ अंतरालों पर निष्पत्रक, इक्ट्रोपिस देओदारी प्राउट (लेपीडोप्टेरा: जिओमैट्रिडि) से प्रभावित होता है। यह प्रमुख नाशी-कीट देवदार वनों की अल्पवयस्क फसलों को गम्भीरता से प्रभावित करता है।

  बागवानी रोपण के साथ शीतोष्ण औषधीय पादपों का अंतरफसलीकरण

उच्च पहाड़ी शीतोष्ण क्षेत्रों के बागानों में अंतरालों का बेहतर उपयोजन किया जा सकता है तथा चुनिंदा वाणिज्यिक रूप से महत्वपूर्ण औषधीय पादपों के अंतरफसलीकरण से बागानों द्वारा आर्थिक लाभ की वृद्धि की जा सकती है।

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