भा.वा.अ.शि.प. के संस्थानों द्वारा अद्यतन

 वर्षा वन अनुसंधान संस्थान, जोरहाट द्वारा 12 अप्रैल, 2021 को आयोजित "बांस नर्सरी प्रथाओं, खेती और प्रबंधन" पर प्रशिक्षण पर एक रिपोर्ट   व.व.अ.सं.:   13 April 2021

 वन अनुसंधान केंद्र - इको-पुनर्वास, प्रयागराज द्वारा 18 से 19 मार्च, 2021 तक "संरक्षण, प्रबंधन और कम ज्ञात पौधों के सतत उपयोग पर आभासी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन" की कार्यवाही पर एक रिपोर्ट  व.अ.कें. ई.पु.:   13 April 2021

  वन उत्पादकता संस्थान, रांची के द्वारा 6 अप्रैल 2021 को आयोजित "मधुका इंडिका संग्रह और विभिन्न प्रकार की मधुका इंडिका का उपयोग" पर प्रशिक्षण कार्यक्रम की एक रिपोर्ट  व. उ. सं.:   12 April 2021

 वन जैवविविधता संस्थान,हैदराबाद द्वारा 31 मार्च 2021 को "इम्यूनोलॉजी और मूल प्रकृति में सुधार लाने के लिए वन की भूमिका और प्रतिरक्षा में सुधार लाने में वन की भूमिका" पर आयोजित सेमिनार की एक रिपोर्ट  व.जै.सं.:   09 April 2021

 वन जैवविविधता संस्थान,हैदराबाद द्वारा 24 मार्च 2021 को "कोविड-19" पर आयोजित सेमिनार की एक रिपोर्ट  व.जै.सं.:   09 April 2021

 वन जैवविविधता संस्थान,हैदराबाद द्वारा 30 मार्च 2021 को "राज्य REDD + एक्शन प्लान (SRAP) विकसित करने के लिए राज्य वन विभागों की क्षमता निर्माण" पर आयोजित सेमिनार की रिपोर्ट  व.जै.सं.:   09 April 2021

 वन अनुसंधान केंद्र - इको-पुनर्वास, प्रयागराज के द्वारा 21 मार्च 2021 को "अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस" के आयोजन पर एक रिपोर्ट   व.अ.कें. ई.पु.:   08 April 2021

 वन आनुवंशिकी एवं वृक्ष प्रजनन संस्थान, कोयम्बटूर द्वारा 26 मार्च 2021 को "पेड़ उत्पादकों और तमिलनाडु के अन्य हितधारकों के लिए डिजिटल इंटरएक्टिव प्लेटफॉर्म का विकास और लोकप्रिय बनाने" पर हितधारकों की आयोजित कार्यशाला पर एक रिपोर्ट  व.आ.वृ.प्र.सं.:   08 April 2021

 वन अनुसंधान केंद्र - इको-पुनर्वास, प्रयागराज के द्वारा वन विज्ञान केंद्र, गोरखपुर में 15 मार्च, 2021 से 19 मार्च, 2021 तक "एग्रोफोरेस्ट्री" पर पांच दिनों के प्रशिक्षण कार्यक्रम पर एक रिपोर्ट  व.अ.कें. ई.पु.:   07 April 2021

  व.अ.सं., देहरादून में अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस -2021 के अवसर पर व.अ.सं.के अधिकार क्षेत्र में केन्द्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय के छात्रों के लिए आयोजित किए जा रहे प्रकृति कार्यक्रम के अंतर्गत एक पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित करने पर एक रिपोर्ट   व.अ.सं.:   05 April 2021

 हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान, शिमला द्वारा २१ मार्च २०२१ को अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस मनाया गया जिसका थीम "फॉरेस्ट रिस्टोरेशन: ए पाथ टू रिकवरी एंड वेल बीइंग" विषय पर एक रिपोर्ट  हि.व.अ.सं.:   05 April 2021

 वन उत्पादकता संस्थान,रांची द्वारा 24 से 25 मार्च 2021 तक "आणविक जीवविज्ञान तकनीकों पर" दो दिवसीय प्रशिक्षण पर एक रिपोर्ट  व. उ. सं.:   01 April 2021

 वन उत्पादकता संस्थान,रांची द्वारा 12 मार्च 2021 को " लाक खेती के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले फ्लेमिंगिया की जेनेटिक मूल्यांकन और सुधार तकनीकों" पर मासिक सेमिनार पर एक रिपोर्ट  व. उ. सं.:   01 April 2021

  हिमालय वन अनुसंधान संस्थान, शिमला द्वारा 17 मार्च 2021 को "वानिकी अनुसंधान, सतत वन प्रबंधन और आजीविका" पर एक दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला की आयोजन पर एक रिपोर्ट  हि.व.अ.सं.:   26 March 2021

 उष्णकटिबंधीय वन अनुसंधान संस्थान, जबलपुर के सिल्विकल्चर, वन प्रबंधन और एग्रोफोरेस्ट्री डिवीजन द्वारा जबलपुर जिले (मप्र) के 12 महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए 18 से 19 मार्च, 2021 तक आयोजित 'लाक साधना, प्रसंस्करण और इसके प्रबंधन' पर दो दिनों के प्रशिक्षण सह प्रदर्शन कार्यक्रम पर एक रिपोर्ट  उ.व.अ.सं:   26 March 2021

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भा.वा.अ.शि.प.की प्रौद्योगिकी

  जूनीपेरस पॉलीकार्पस (हिमालयन पेन्सिल सीडार) की बीज प्रौद्योगिकी

जुनिपेरस पाॅलीकार्पोस, सी.कोच उत्तर पश्चिम हिमालयन क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण देशज शंकु वृक्ष है, जिसे सामान्यतः हिमालयन पेंसिल सिडार के नाम से जाना जाता है। इस प्रजाति के बीजों में प्रसुप्ति होती है, जो इसके अंकुरण को प्रभावित करती है। 

  कुटकी बहुगुणन हेतु वृहद-प्रसार तकनीक

पिकोरिजा कुरूआ, रायल एक्स बेंथ जिसे सामान्यतः कुटकी के नाम से जाना जाता है, यह पश्चिमी हिमालय में पाया जाना महत्वपूर्ण शीतोष्ण औषधी पादप है, जिसकी उच्च शीतोष्ण क्षेत्रों (2700 मी. से ऊपर) में वाणिज्यिक कृषि हेतु महत्वपूर्ण संभाव्यता है।

  मुशाकबला बहुगुणन हेतु बृहद-प्रसार तकनीक

वैलरियाना जटामांसी, जोन्स जिसे सामान्यतः मुशाकबला के नाम से जाना जाता है, यह पश्चिमी हिमालय में पाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण शीतोष्ण औषधी पादप है तथा वाणिज्यिक कृषि हेतु महत्वपूर्ण संभाव्यता रखता है।

  देवदार निष्पत्रक (एक्ट्रोपिस देवदारे प्राउट) का एकीकृत कीट प्रबंधन

देवदार (सिडेरस देओदारा), उत्तर-पश्चिम हिमालय का एक अति मूल्यित एवं बहुल शंकु प्रजाति है, यह कुछ अंतरालों पर निष्पत्रक, इक्ट्रोपिस देओदारी प्राउट (लेपीडोप्टेरा: जिओमैट्रिडि) से प्रभावित होता है। यह प्रमुख नाशी-कीट देवदार वनों की अल्पवयस्क फसलों को गम्भीरता से प्रभावित करता है।

  बागवानी रोपण के साथ शीतोष्ण औषधीय पादपों का अंतरफसलीकरण

उच्च पहाड़ी शीतोष्ण क्षेत्रों के बागानों में अंतरालों का बेहतर उपयोजन किया जा सकता है तथा चुनिंदा वाणिज्यिक रूप से महत्वपूर्ण औषधीय पादपों के अंतरफसलीकरण से बागानों द्वारा आर्थिक लाभ की वृद्धि की जा सकती है।

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